प्रेस विज्ञप्ति
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के विशेष आंकड़ा प्रसार मानकों के अनुपालन में और इसकी अपनी नीति के अनुसार, एनएडी अग्रिम जारी कैलेंडर में दिए गए पूर्व निर्दिष्ट कार्यसूची के अनुसार समय-समय पर जीडीपी के वार्षिक और तिमाही आकलन जारी करता है
प्रकाशन
राष्ट्रीय लेखा प्रभाग विभिन्न प्रकाशन जैसे राष्ट्रीय लेखा आंकड़े निकालता है जिसमें राष्ट्रीय आय और संबंधित व्यापक आर्थिक कुल राशियों संबंधी काल श्रेणी आंकड़े निहित होते हैं। प्रयोग किए जाने वाले आंकड़ा समंक का तरीका इत्यादि पूरी तरह से दस्तावेजी है और पब्लिक डोमन पर उपलब्ध है।
राज्य घरेलू उत्पाद
राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय आकलनों के बीच तुलनात्मक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एनएडी डीईएस के परामर्श से आर्थिक कार्यकलापों तथा प्रति व्यक्ति आय आकलनों द्वारा सकल और निवल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी/एनएसडीपी) के तुलनात्मक आंकलन का मिलान करता है।
राष्ट्रीय लेखे तैयार करना जिसमें सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) राष्ट्रीय आय, सरकारी/निजी अंतिम खपत व्यय, पूंजी निर्माण संस्थानिक क्षेत्रों के लेनदेन के ब्यौरे के साथ पूंजी सृजन एवं बचत शामिल है। एन ए डी प्रत्येक कार्य ‘राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी’ वाचक प्रकाशन करता है जिसमें ये आंकड़े शामिल होते हैं।
एनएडी राज्य घरेलू उत्पाद के आकलनों सहित राज्य लेखों के संग्रह एवं निर्मुक्ति पर राज्य/ संघराज्य क्षेत्रों के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालयों (डीईएस) को तकनीकी दिशा निर्देश एवं सहायता उपलब्ध कराते हैं। इस उद्देश्य हेतु एनएडी द्वारा वृहत-क्षेत्रीय क्षेत्रों जैसे रेलवे, संचार, बैंकिंग, बीमा और केंद्र सरकार के प्रशासन के संदर्भ में सकल मूल्य वृद्धि और सकल नियत पूंजी सृजन के राज्य स्तरीय आकलन प्रस्तुत किए जाते हैं।
एनएडी सांख्यिकीय मामलों पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क रखती है।
एनएडी समय-समय पर सप्लाई यूज़ टैबलेट्स (एसयूटी) और इनपुट-आउटपुट ट्रांजैक्शन टेबलेट (आईओटीटी) को तैयार करने और जारी करने के लिए भी जिम्मेदार है।
एनएडी के पास राष्ट्रीय लेखों के संग्रह एवं प्रस्तुतीकरण के सभी प्रणाली संबंधी पहलुओं को देखने और परामर्श देने के लिए विभागीय प्रतिनिधियों सहित प्रमुख अर्थशास्त्रियों सांख्यिकीविदों और अन्य विशेषज्ञों वाली राष्ट्रीय लेखों संबंधी परामर्शी समिति के रूप में एक नियमित परामर्शी तंत्र मौजूद है।
करार अनुच्छेद के अनुच्छेद IV के तहत दिशा निर्देशों के अनुसार अगस्त 2019 में जीडीपी संकलन मुद्दों पर आई एम एफ के स्टाफ के साथ विचार विमर्श किया गया।